
पेंट बूथ में आईआर लैंपों की सही व्यवस्था कैसे करें? जब हम कोई कस्टम हीटिंग सिस्टम तैयार करते हैं, तो हमारा एकमात्र लक्ष्य होता है – कार पर समान रूप से गर्मी पहुँचाना। कोई खाली जगह नहीं, कोई समस्या नहीं। लेकिन समस्या यह है कि कारें सभी एक जैसी नहीं होतीं। छोटी कारें एवं बड़ी एसयूवीयाँ गर्मी को अलग-अलग तरीके से अवशोषित करती हैं। यदि लैंपों को एक ही जगह पर लगा दिया जाए, तो कार के कुछ हिस्से बहुत गर्म हो जाएंगे, जबकि अन्य हिस्से ठंडे ही रहेंगे। ऐसा दृश्य अच्छा नहीं लगेगा। लैंपों की ऊँचाई का ध्यान रखें हम लैंपों की ऊँचाई का निर्धारण कार की ऊँचाई एवं पेंट पर आवश्यक गर्मी के आधार पर करते हैं। शॉर्टवेव आईआर लैंप बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि ये पेंट की गहराइयों तक पहुँचते हैं। लेकिन यदि लैंप बहुत नजदीक हों, तो पेंट को नुकसान पहुँच सकता है। यदि आप विभिन्न मॉडलों की कारों के लिए हीटिंग सिस्टम बना रहे हैं, तो सभी लैंपों को एक ही जगह पर न लगाएं। हम आमतौर पर मॉड्यूलर रेल सिस्टम का उपयोग करते हैं। इससे लैंपों को ऊपर-नीचे खिसकाया जा सकता है, ताकि गर्मी कार के बीच वाले हिस्से पर ही पड़े। ऊर्जा एवं हवा का संतुलन जल्दी से कारों को तैयार करने हेतु उच्च-वाटेज वाले लैंपों का उपयोग करना आकर्षक लगता है। लेकिन इसमें एक समस्या है। यदि छोटे स्थान में बहुत सारे लैंप लगा दिए जाएं, तो पेंट बूथ एक ओवन जैसा हो जाएगा। इसलिए वेंटिलेशन सिस्टम को ठीक रखना आवश्यक है। यदि हवा उस गर्मी को दूर नहीं कर पाएगी, तो पेंट जल्दी ही सूख जाएगा। ऐसी स्थिति में पेंट को फिर से तैयार करने में बहुत समय लग जाएगा। चीजों को सही तरीके से चलाना हम मजबूत क्वार्ट्ज ट्यूबों का उपयोग करते हैं, क्योंकि ये लगातार गर्मी/ठंड को सहन कर सकते हैं। और चूँकि चीजें धीरे-धीरे खराब हो जाती हैं, इसलिए हम क्विक-डिस्कनेक्ट कनेक्टरों का उपयोग करते हैं। यह एक छोटी सी बात है, लेकिन इससे टीम को कुछ ही मिनटों में खराब ट्यूबों को बदलने में मदद मिलती है। पूरी सिस्टम को फिर से व्यवस्थित करने की आवश्यकता नहीं है। एक और बात… यदि लैंपों को बहुत नजदीक लगा दिया जाए, तो गर्मी के क्षेत्र आपस में मिल जाएंगे। इससे ठंडे हिस्से तो नहीं रहेंगे, लेकिन कार यदि सही जगह पर न हो, तो पेंट का सूखना असमान हो जाएगा। इस समस्या को दूर करने हेतु हम PID कंट्रोलरों का उपयोग करते हैं। इससे लैंपों की ऊर्जा को ठीक से नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसा करने से काम बेहतर तरीके से होता है।