
ब्रेक पैडों में दरारें आने से कैसे बचें?
ब्रेक पैडों को सुखाने की प्रक्रिया में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए उचित तापमान आवश्यक है, लेकिन तापमान को अत्यधिक नहीं रखना चाहिए। यदि तापमान बहुत ज्यादा हो जाए, तो बाहरी हिस्सा सख्त हो जाता है, जबकि अंदरूनी हिस्सा अभी भी गीला रह जाता है। इससे आंतरिक दबाव पैदा होता है, जिसके कारण दरारें एवं अन्य समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं।
इस समस्या को दूर करने हेतु हम शॉर्टवेव इन्फ्रारेड लैंपों का उपयोग करते हैं। ऐसा करने से तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है।
“स्किनिंग” समस्या
जब सतह बहुत जल्दी सुख जाती है, तो घर्षण सामग्री के अंदर गैसें फंस जाती हैं। ऐसी गैसों के लिए कोई जगह नहीं होती, इसलिए वे सतह में छेद बना देती हैं।
परिशुद्ध इन्फ्रारेड लैंपों का उपयोग करके तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसा करने से तापमान समान रूप से फैलता है, और ब्रेक पैडों में कोई दरारें नहीं आतीं।
ऊर्जा एवं तापमान
हम आमतौर पर उच्च-वॉटेज वाले क्वार्ट्ज लैंपों का उपयोग करते हैं। लेकिन ऊर्जा की मात्रा को ठीक से नियंत्रित करना आवश्यक है। यदि ऊर्जा बहुत ज्यादा हो जाए, तो सतह जल जाती है।
वेंटिलेशन का महत्व
शॉर्टवेव इन्फ्रारेड लैंपों से निकलने वाली गैसें बहुत ही हानिकारक होती हैं। इसलिए हवा को लगातार चलने देना आवश्यक है।